Ajit Pawar Plane Crash: नेताजी बोस से लेकर संजय गांधी और विजय रूपाणी तक देश ने इन हस्तियों को खोया

भारत में समय-समय पर कई बड़े विमान हादसे हुए हैं, जिनमें देश के प्रमुख नेताओं ने अपनी जान गंवाई है। ये हादसे किन परिस्थितियों में हुए, विमान दुर्घटनाओं के पीछे क्या कारण रहे और इन घटनाओं से जुड़ी कौन-कौन सी अहम जानकारियां सामने आईं, आइए जानते हैं पूरी कहानी।

महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। विमान में सवार पांच अन्य लोग भी इस हादसे में नहीं बचे। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजित पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती में रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया। देश ने पिछले कुछ महीने पहले ही एक बड़ा विमान हादसा झेला।

अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर रहा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई। टेकऑफ के कुछ ही क्षण बाद विमान अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में एक रिहायशी क्षेत्र में स्थित इमारत से टकरा गया था। हादसे के बाद वैश्विक स्तर पर शोक की लहर दौड़ गई। कई देशों के नेताओं ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी इस एयर इंडिया की फ्लाइट में सवार थे।

माधवराव सिंधिया

कौन: कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री

कब: 30 सितम्बर 2001

कहां: मैनपुरी के पास, उत्तर प्रदेश

कैसे: माधवराव सिंधिया एक राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए एक चार्टर्ड विमान (बीचक्राफ्ट किंग एयर सेसना C-90) से दिल्ली से उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक रैली के लिए जा रहे थे। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद उनका विमान खराब मौसम और तकनीकी खराबी के चलते उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के मोटला गांव के पास क्रैश हो गया। विमान में आग लग गई और सिंधिया भी नहीं बच पाए। साथ ही एक पत्रकार, पायलट और सह-पायलट की भी मौत हो गई थी।
जीएमसी बालयोगी

कौन: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और तेलुगूदेशम पार्टी (टीडीपी) नेता

कब: 3 मार्च 2002

कहां: कोव्वदलांका गांव के पास, कृष्णा जिला, आंध्र प्रदेश

कैसे: लोकसभा अध्यक्ष रहते हुए जीएमसी बालयोगी एक कार्यक्रम के लिए भारतीय वायुसेना के बेल 206 हेलीकॉप्टर से यात्रा कर रहे थे। हेलीकॉप्टर आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के कारण नियंत्रण खो बैठा और आपात लैंडिंग की कोशिश में एक दलदली क्षेत्र में क्रैश हो गया। हादसे में बालयोगी, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी और पायलट की मौके पर ही मौत हो गई।


केएस सौम्या सत्यनारायण
कौन: अभिनेत्री, तेलुगू सुपरस्टार, हिंदी फिल्म सूर्यवंशम में भी किया अभिनय

कब हुआ निधन: 17 अप्रैल 2004

कहां: बंगलूरू, कर्नाटक

कैसे: सौंदर्या के नाम से मशहूर दक्षिण भारतीय अभिनेत्री केएस सौम्या 17 अप्रैल, 2004 को सिर्फ 32 साल की उम्र में हवाई दुर्घटना में जान गंवा बैठीं। सूर्यवंशम फिल्म से सुर्खियों में आई सौम्या भाई के साथ करीमनगर जा रही थीं। उनका सेसना 180 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था।
ओपी जिंदल और सुरेंद्र सिंह

कौन: हरियाणा के ऊर्जा मंत्री, उद्योगपति (ओपी जिंदल) और हरियाणा के कृषि मंत्री और पूर्व सीएम बंशीलाल के बेटे सुरेंद्र सिंह।

कब: 31 मार्च 2005

कहां: सहारनपुर के पेड़ू गांव के पास, उत्तर प्रदेश

कैसे: हरियाणा के कृषि व राजस्व मंत्री सुरेंद्र सिंह एक किंग हेलिकॉप्टर में दिल्ली से चंडीगढ़ लौट रहे थे। सहारनपुर के पास चिकित्सकीय आपात स्थिति के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग के प्रयास के दौरान हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में हरियाणा के ऊर्जा मंत्री ओपी जिंदल और पायलट सहित कुल तीन की मौत हुई।

वाईएस राजशेखर रेड्डी
कौन: आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कब: 3 सितंबर 2009

कहां: नल्लामला जंगल, कुरनूल जिला, आंध्र प्रदेश

कैसे: आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी एक सरकारी हेलीकॉप्टर बेल 430 से हैदराबाद से चित्तूर जिले के एक कार्यक्रम के लिए उड़ान भर रहे थे। हवाई यात्रा के दौरान उनके हेलीकॉप्टर का संपर्क रडार से टूट गया। भारी बारिश और खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर नल्लामल्ला के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में वाईएसआर के समेत सभी पांच सवारों का निधन हो गया था।

करीब 24 घंटे तक तलाशी अभियान चलने के बाद उनका मलबा और शव बरामद किए गए। इस दुर्घटना में उनके साथ पायलट, को-पायलट, एक मुख्य सचिव और एक सुरक्षा अधिकारी की भी मौत हुई।
दोर्जी खांडू

Source of News:- amarujala.com


कौन: अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री

कब: 30 अप्रैल 2011

कहां: तवांग, अरुणाचल प्रदेश

कैसे: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू एक पवन हंस AS350 B3 हेलिकॉप्टर में तवांग से इटानगर की उड़ान भर रहे थे। उड़ान के लगभग 20 मिनट बाद हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया। भारी बारिश एवं खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर 13 हजार फीट की ऊंचाई पर सेला पास के करीब दुर्घटनाग्रस्त हो गया। करीब चार दिन बाद 4 मई 2011 को मलबा और सभी 5 शव पाए गए, जिसमें मुख्यमंत्री, दो पायलट, सुरक्षा अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति शामिल थे।

Related Posts

Union Budget 2026: कैसे ट्रंप के टैरिफ से निपटने में कारगर साबित हो सकता है बजट? इन कदमों पर होगी देश की नजर

वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका के उच्च टैरिफ की वजह से हड़कंप मचा है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव भारत पर पड़ा है, जिस पर अमेरिका ने कुल 50 फीसदी तक का…

US-India Partnership: अमेरिका को आई भारत की याद, चीन से निपटने के लिए पैक्स सिलिका में स्वागत को तैयार

चीन के बढ़ते तकनीकी प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका ने भारत को पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होने का न्योता मिला है। फरवरी 2026 में भारत इस महत्वपूर्ण रणनीतिक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *