पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया, अपने निलंबन को सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने डीएम से पंडितों के खिलाफ अपशब्द कहने वाले फोन कॉल की जानकारी मांगी। अग्निहोत्री को यूजीसी विवाद पर सार्वजनिक इस्तीफे के बाद निलंबित किया गया था। प्रशासन ने उनके बंधक बनाने के आरोपों का खंडन किया है, जबकि जांच मंडलायुक्त को सौंपी गई है।
बरेली। यूजीसी के विवाद को लेकर सार्वजनिक रूप से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की परेशानियां बढ़ गई हैं। वे मंगलवार को बरेली डीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए और आरोप लगाया कि उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत सस्पेंड किया गया है।
अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी मांग की है कि उन्हें डीएम स्वयं आकर ये बताएं कि कल शाम किसका फोन आया था? जो पंडितों के लिए अपशब्द बोल रहा था। डीएम के नहीं आने पर उन्होंने पीएम या गृहमंत्री के आने को कहा है।
अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफा प्रकरण में कब क्या हुआ?
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर इस्तीफा देकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनके इस फैसले से ब्यूरोक्रेट्स में खलबली मच गई।
अग्निहोत्री ने अपने कार्यालय में अपने ही नाम के आगे ‘RESIGNED’ शब्द लिखा और साथ ही एक पोस्टर भी दिखाया, जिसमें भाजपा विरोधी नारे लिखे थे।
बरेली के डीएम डीएम अविनाश सिंंह ने अलंकार को बातचीत के लिए कार्यालय बुलाया, जहां से वापस आने के बाद अलंकार ने आरोप लगाया कि उन्हें डीएम ऑफिस में बंधक बनाकर रखा गया।
देर रात उन्होंने आवास खाली करने की बात कही। मीडिया को बताया कि सरकारी आवास में उनको खतरा है। इसके बाद अलंकार आवास खाली करने को अपना सामान पैक करने में जुट गए। उन्होंने अपना सामान गाड़ी में लदवाकर सरकारी आवास को खाली कर दिया। अगली सुबह आज मंगलवार को डीएम ऑफिस के बाहर अलंकार धरने पर बैठ गए हैं।
मंडलायुक्त को सौंपी गई जांच
यूजीसी के समता युग के विरोध में और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में इस्तीफा देने वाले बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शासन ने निलंबित कर दिया है। मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली भूपेंद्र एस चौधरी को दी गई है।
शामली डीएम कार्यालय से संबद्ध रहेंगे अलंकार अग्निहोत्री
विशेष सचिव अन्नपूर्णा गर्ग की ओर से जारी आदेश में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम चार के तहत प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित किया गया है।
अलंकार के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए आरोपों की जांच को मंडलायुक्त बरेली को जांच अधिकारी नामित किया है। निलंबन की अवधि में अलंकार अग्निहोत्री शामली डीएम कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
बंधक बनाने के आराेपों का प्रशासन ने किया खंडन
वहीं, दूसरी ओर अलंकार अग्निहोत्री ने डीएम अविनाश सिंह द्वारा अपने कैंप कार्यालय में 45 मिनट बंधन बनाने का जो आरोप लगाया था, एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह ने उसका खंडन किया है।
उन्होंने कहना है कि वहां बंधन बनाने जैसी कोई स्थिति नहीं थी। अलंकार अग्निहोत्री खुद ही वहां सबसे मिलने गए थे। वहां एडीएम सिटी और एडीएम प्रशासन भी थे। सबसे साथ काफी पी। उन्हें बंधन बनाने जैसी कोई बात नहीं थी।
बातचीत होने से वह चले गए। वहां बातचीत हुई कि अगर उन्हें कोई दिक्कत है तो वह छुट्टी ले सकते हैं, लेकिन उन्होंने छुट्टी लेने से इनकार कर दिया। उनके द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।








