बंपर वोटिंग, किसका खेल बनाएगी?: सभी 16 मंत्रियों की सीट पर 2020 से अधिक मतदान, हर पक्ष निकाल रहा अपने मायने

Bihar Assembly Election 2025: आज बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सरकार में मंत्री बनाए गए 16 नेताओं का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है। सबसे ज्यादा वोटिंग कल्याणपुर में हुई और सबसे कम पटना की बांकीपुर विधानसभा में हुई।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग खत्म हो गई है। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 64.46 फीसदी वोटिंग हुई है। बेगूसराय में सबसे ज्यादा 67.32% और शेखपुरा में सबसे कम 52.36% वोटिंग हुई। हालांकि अगर पहले चरण के मंत्रियों की सीटों पर बात की जाए तो सबसे ज्यादा कुढ़नी में 75.63% और सबसे कम बांकीपुर 40.00% में मतदान हुआ।

किसका क्या है दावा
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 16 मंत्रियों की सीटों पर भी मतदान हुआ है। सभी में पिछले बार के मुकाबले ज्यादा मतदान हुआ है। सभी सीटों पर ज्यादा मतदान को दोनों पक्ष अपने-अपने फायदे में बता रहे हैं। सत्ता पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि जनता सरकार के कामों से खुश हैं इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों ने मतदान किया है।

सम्राट चौधरी क्या बोले
डिप्टी सीएम और तारापुर से भाजपा प्रत्याशी सम्राट चौधरी ने कहा कि मैं बिहार प्रशासन, बिहार की जनता और चुनाव आयोग का धन्यवाद करना चाहता हूं कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। बिहार में आम मतदाताओं ने जिस तरह से बढ़-चढ़कर मतदान किया है, उससे साफ दिखता है कि इस बार पिछले चुनाव की तुलना में वोटिंग प्रतिशत में 4 से 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हमारे प्रतिनिधियों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण के बाद एनडीए 121 में से करीब 100 सीटों पर जीत रही है, और यह परिणाम 2010 के रिकॉर्ड को तोड़ने वाला होगा। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को भी आज के चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा। इस बार भी लालू प्रसाद यादव के पूरे परिवार में से कोई भी चुनाव नहीं जीतेगा। सभी को इस बार हार का सामना करना पड़ेगा। वहीं विपक्ष का मानना है कि ज्यादा मतदान सरकार की खिलाफ नाराजगी बताता है। लोग वर्तमान सरकार के मंत्रियों से खुश नहीं है और यही नाराजगी उन्होंने मतदान में बदली है।

जनसुराज ने क्या कहा?
जनसुराज के ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर लिखा गया कि आज बिहार रिकॉर्ड तोड़ मतदान कर रहा है। शाम पांच बजे तक 61 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया है। अभी ये आंकड़े और बढ़ेंगे, लेकिन अभी तक के आंकड़ों ने ही पिछले कई विधानसभा चुनावों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का घरों से बाहर निकलकर वोट देना इस बात का साफ संकेत दे रहा है कि बिहार की जनता बदलाव के लिए वोट कर रही है, अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट दे रही है। विश्वास रखिए, 14 नवंबर को जनता का राज आ रहा है, जन सुराज आ रहा है।

जाले से भाजपा के जिवेश कुमार के सामने कांग्रेस के ऋषि मिश्रा मैदान में हैं। यह राजद में थे और अंतिम समय में कांग्रेस का टिकट लेकर उतरे हैं। पिछली बार कांग्रेस के प्रत्याशी रहे मशकूर अहमद रहमानी इस बार निर्दलीय मैदान में हैं। मुस्लिम वोट पर सबकुछ निर्भर करता है। जनसुराज ने लोहार जाति के रंजीत शर्मा को चुनाव में उतारा है।

कुढ़नी से भाजपा के केदार प्रसाद गुप्ता के सामने राष्ट्रीय जनता दल के बबलू कुशवाहा उतारे गए हैं। जनसुराज ने यहां से मोहम्मद अली इरफान को मैदान में उतारा है।

तारापुर से भाजपा के सम्राट चौधरी के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने अरुण साह को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर जन सुराज का निशाना भाजपा के कोर वोटर हैं, इसलिए उसने राजपूत चिकित्सक को मैदान में उतारा है। डॉ. संतोष सिंह यहां सम्राट चौधरी और अरुण साह से मुकाबिल हैं।
गोपालगंज की भोरे से जदयू के सुनील कुमार के सामने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, यानी भाकपा माले ने प्रत्याशी उतारा है। भोरे से माले ने पासवान जाति के धनंजय को प्रत्याशी बनाया है। यहां से जन सुराज प्रत्याशी प्रीति किन्नर के उतारे जाने के बाद यह सीट चर्चा में है।

वहीं सारण की अमनौर से भाजपा के कृष्ण कुमार मंटू के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने सुनील राय को उतारा है। भाजपा के कोर वर्ग भूमिहार जाति को साधने के लिए जन सुराज ने यहां से राहुल सिंह को टिकट दिया है।

समस्तीपुर
यहां की कल्याणपुर से जदयू के महेश्वर हजारी से मुकाबले के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, यानी भाकपा माले ने रंजीत राम को मैदान में उतारा है। रंजीत राम रविदास वर्ग से आते हैं। जन सुराज ने यहां उप मेयर राम बालक पासवान को उतारा है।

वहीं सरायरंजन से विजय कुमार चौधरी से राष्ट्रीय जनता दल के अरविंद सहनी मैदान में हैं। सरायरंजन से भाजपा के कोर वोटर और विजय कुमार चौधरी के वर्ग के वोटरों को निशाने पर रखते हुए ब्राह्मण सज्जन मिश्रा को उतारा गया है।

बेगूसराय
बेगूसराय की बछवाड़ा से भाजपा के सुरेंद्र मेहता के सामने भारतीय कॉम्युनिस्ट पार्टी के अवधेश राय हैं। अवधेश राय यादव जाति से हैं। जन सुराज ने यहां पर दोनों प्रतिद्वंदियों के लिए मुसीबत की तैयारी की है। यहां से भूमिहार वर्ग के रामोद कुंवर को उतारा गया है, जो माले नेता रहे हैं।
नालंदा
बिहारशरीफ से भाजपा के डॉ. सुनील कुमार के सामने भारतीय कॉम्युनिस्ट पार्टी ने शिव कुमार यादव को उतारा है। जन सुराज ने यहां कुशवाहा वर्ग के पूर्व मेयर दिनेश कुमार को मैदान में उतारा है।

वहीं नालंदा से जदयू के श्रवण कुमार के सामने कांग्रेस के कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया चुनाव मैदान में हैं। जिला परिषद् सदस्य और कुर्मी जाति की प्रत्याशी कुमारी पूनम सिन्हा जन सुराज के लिए मैदान में हैं।

Source of News:- amarujala.com

पटना
यहां की बांकीपुर से भाजपा के नितिन नवीन के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को टिकट दिया है। यह सीट पिछली बार कांग्रेस के पास थी। अंतिम समय में कांग्रेसी रेखा गुप्ता ने राजद से नामांकन भर सदस्यता ली। जन सुराज ने भाजपा को निशाने पर लेने के लिए यहां से भूमिहार जाति की वंदना कुमारी को उतारा है।

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