सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर दर्दनाक हादसा हो गया। एक कार पर बजरी लदा डंपर पलट गया। हादसे में मां बेटा, बेटी-दामाद समेत सात लोगों की मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने साढ़े तीन घंटे जाम लगाए रखा।
सहारनपुर में एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद जिस समय भीड़ कार के ऊपर से बजरी हटा रही थी तो उस दौरान अंदर से कुछ आवाजें भी आ रही थीं। प्रत्यक्षदर्शी संजीव कुमार, राजीव और दिनेश आदि ने बताया कि ऐसा लग रहा था कि मानों अंदर कोई सिसक रहा हो, लेकिन जब तक बजरी हटाई गई तब सभी आवाजें खामोश हो चुकी थीं।
बताया जा रहा है कि उस समय तक संदीप की सांसें चल रही थीं। जिस कार से संदीप अपने मामा के यहां जा रहे थे, वह उसके बड़े भाई प्रदीप की शादी में आई थी। कार संदीप चला रहा था। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंडरपास में कार पर बजरी से लदा डंपर पलट गया। हालत यह रही कि किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल में भारी पुलिस फोर्स
हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर एसबीडी जिला अस्पताल में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। जिला अस्पताल में एसपी सिटी व्योम बिंदल के साथ थाना सदर बाजार, जनकपुरी और शहर कोतवाली पुलिस तैनात रही। घटनास्थल पर एसपी देहात सागर जैन, सीओ प्रथम मुनीश चंद्र, सीओ सदर प्रिया यादव के अलावा चिलकाना, सरसावा, फतेहपुर, गागलहेड़ी थाने की पुलिस रही।
अंडरपास में हो बिजली की व्यवस्था
मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार, डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम मनीष बंसल, एसएसपी आशीष तिवारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम मनीष बंसल ने एनएचएआई कर्मचारी को बुलाकर सख्त निर्देश दिए कि अंडरपास में बिजली की व्यवस्था हो। इसके अलावा दोनों सर्विस रोड पर ब्रेकर लगाए जाए, ताकि हादसों को रोका जा सके।
कार पर पलटा बजरी लदा डंपर… मां बेटा, बेटी-दामाद समेत सात की मौत
सहारनपुर के सोना सैयद माजरा गांव के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार बजरी से लदा डंपर कार पर पलट गया। हादसे में मां-बेटा, बेटी और दामाद सहित सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। गुस्साए लोगों ने एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया। साढ़े तीन घंटे तक अफसरों, नेताओं समेत सैकड़ों वाहन फंसे रहे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को हटाया।
गागलहेड़ी थाने के सोना सैयद माजरा गांव निवासी मेडिकल स्टोर संचालक संदीप सैनी (25) के मामा ऋषिपाल सैनी निवासी मोहद्दीपुर की बृहस्पतिवार शाम बीमारी के कारण मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए संदीप अपनी मां रानी (55), बहन जूली (27), जीजा शेखर (28), भांजे अनिरुद्ध (2) निवासी छांगा मजरी थाना भगवानपुर हरिद्वार, मौसेरे भाई विपिन (22) निवासी दौलतपुर व भाई प्रदीप के ससुर उमेश सिंह (55) निवासी मेहदूदपुर रावली हरिद्वार के साथ पंच कार में जा रहे थे।
सुबह करीब सवा नौ बजे कार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सोना सैयद माजरा गांव के अंडरपास से सहारनपुर की तरफ सर्विस रोड पर पहुंची थी। इसी दौरान देहरादून की तरफ से तेज रफ्तार आ रहा बजरी से लदा ओवरलोड डंपर अनियंत्रित होकर कार के ऊपर पलट गया।
हादसा होते ही ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और बजरी को हटाने का प्रयास किया लेकिन जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले गए। लोगों ने डंपर के चालक-परिचालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
सांसद इमरान मसूद, एमएलसी शाहनवाज अली, विधायक आशु मलिक, पूर्व मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी, पूर्व विधायक जगपाल सिंह आदि भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
एनएचएआई और जिला प्रशासन पर लगाए आरोप
गुस्साई भीड़ ने घटनास्थल से थोड़ी दूर चमारीखेड़ा टोल पर जाम लगा दिया। आरोप था कि एनएचएआई और जिला प्रशासन की वजह से हादसा हुआ है। एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने के बाद भी ओवरब्रिज शुरू नहीं किए जा रहे हैं।
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अधिकारियों ने यह दिया आश्वासन
एक्सप्रेसवे पर जाम के दौरान ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और मुआवजा देने की मांग की। लिखित आश्वासन मांगते रहे। काफी देर तक अधिकारियों से जद्दोजहद हुई। हालांकि, बाद में मृतकों को मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत मुआवजा और वाहन के थर्ड पार्टी बीमा का लाभ दिलाया दिलाने का आश्वासन दिया गया।







