Earthquake in Russia: रूस में भूकंप से कांपी धरती, 30 बार महसूस किए गए झटके, सुनामी की आशंका ने बढ़ाई चिंता

रूस के पूर्वी तट पर कामचटका प्रायद्वीप के पास आए भूकंप ने तबाही मचा दी है। रिक्टर स्केल पर 8.7 तीव्रता वाले भूकंप से धरती कांपी तो लोग भी दहशत में आ गए। रूसी एजेंसी का कहना है कि भूकंप के बाद कामचटका में 30 से अधिक बार झटके महसूस किए गए। पलभर में तबाही के मंजर की आशंका को भांपते हुए लोग घरों से बाहर भागने लगे। वहीं भूकंप के बाद रूस के कुरील द्वीप समूह और जापान के बड़े उत्तरी द्वीप होक्काइडो के तटीय इलाकों में सुनामी आ गई। तमाम इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। भूकंप के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

रूस के कामचटका में आए भूकंप के झटकों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें दिखा गया कि एक घर में बुरी तरह से सामान हिल रहा। यूजर ने लोगों को सचेत रहने की चेतावनी दी है। एक अन्य वीडियो में एक कैंप में रखा सामान हिलता दिख रहा है। लोगों का कहना है कि झटकों से ऐसा महसूस हुआ कि कोई तेजी से हमें झकझोर रहा हो। झटके महसूस होने पर लोग घर से बाहर की ओर भागे। वहीं रूसी एजेंसी ने कहा कि भूकंप के बाद कई बार 2 से 5 की तीव्रता वाले 30 अतिरिक्त झटके महसूस किए गए। रूसी समाचार एजेंसी के अनुसार कि भूकंप के दौरान एक हवाई अड्डे सहित कई स्थानों पर कई लोगों को मामूली चोटें आईं।

घरों के अंदर गिरी अलमारियां
भूकंप के बाद रूस के सबसे बड़े शहर पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की में लोग सड़कों पर आ गए। घरों के अंदर अलमारियां गिर गईं, शीशे टूट गए, कारें सड़क पर क्षतिग्रस्त हो गईं और इमारतों में कांपती नजर आईं। इससे पहले जुलाई में कामचटका के पास समुद्र में पांच शक्तिशाली भूकंप आए थे- जिनमें से सबसे बड़ा भूकंप 7.4 तीव्रता का था। सबसे बड़ा भूकंप 20 किलोमीटर की गहराई पर और 180,000 की आबादी वाले पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की शहर से 144 किलोमीटर पूर्व में था। 4 नवंबर, 1952 को कामचटका में 9.0 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान हुआ था

source of amarujala

सुनामी के अलर्ट सायरन बजे
रूस के कामचटका में आए भूकंप के बाद रूस के कुरील द्वीप समूह और जापान के बड़े उत्तरी द्वीप होक्काइडो के तटीय इलाकों में सुनामी आ गई। होनोलूलू में मंगलवार को सुनामी चेतावनी सायरन बजने लगे और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि लगभग 30 सेंटीमीटर ऊंची पहली सुनामी लहर होक्काइडो के पूर्वी तट पर नेमुरो पहुंची। स्थानीय गवर्नर वालेरी लिमारेंको के मुताबिक, पहली सुनामी लहर प्रशांत महासागर में रूस के कुरील द्वीप समूह की मुख्य बस्ती सेवेरो-कुरीलस्क के तटीय क्षेत्र में आई। आसपास रहने वाले लोग सुरक्षित हैं। दोबारा लहर आने का खतरा टलने तक वे ऊंचे स्थानों पर ही रहेंगे।

Related Posts

Union Budget 2026: कैसे ट्रंप के टैरिफ से निपटने में कारगर साबित हो सकता है बजट? इन कदमों पर होगी देश की नजर

वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका के उच्च टैरिफ की वजह से हड़कंप मचा है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव भारत पर पड़ा है, जिस पर अमेरिका ने कुल 50 फीसदी तक का…

US-India Partnership: अमेरिका को आई भारत की याद, चीन से निपटने के लिए पैक्स सिलिका में स्वागत को तैयार

चीन के बढ़ते तकनीकी प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका ने भारत को पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होने का न्योता मिला है। फरवरी 2026 में भारत इस महत्वपूर्ण रणनीतिक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *