मेरठ के कपसाड़ हत्या और अपहरण कांड में आशा ज्योति केंद्र पर काउंसिलिंग चल रही थी। रूबी ने कहा कि मैं घर जाऊंगी। इस पर पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में रूबी को परिजनों को सौंप दिया। ग्रामीणों के सामने रूबी को परिवार के सुपुर्द किया गया।
मेरठ के कपसाड़ कांड में दो दिन की काउंसिलिंग के बाद अपहृत की गई रूबी ने अपने घर जाने की इच्छा जताई। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में पुलिस सोमवार रात रूबी को परिजनों के साथ गांव लेकर पहुंची। इसके बाद गांववालों के सामने ही उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद दो दिन से रूबी की एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र पर काउंसिलिंग चल रही थी। सोमवार को पुलिस ने रूबी के भाई नरसी कुमार और पिता सतेंद्र सहित अन्य सदस्यों को उससे मिलवाया। करीब ढाई घंटे तक परिजनों और रूबी को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई।
रूबी ने परिवार के साथ रहने की जताई इच्छा
इस दौरान रूबी ने परिवार के साथ रहने और घर जाने की इच्छा जताई। दोनों की सहमति के बाद पुलिस फोर्स की मौजूदगी में रूबी और परिजन यहां से निकले और रात करीब आठ बजे कपसाड़ गांव पहुंचे। वहां बड़ी संख्या ग्रामीण रूबी को देखने के लिए पहुंच गए लेकिन पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों को उनके घर के आसपास नहीं आने दिया।
पूरी तरह से कंबल में लिपटी थी रूबी
सोमवार शाम जब रूबी को यहां से परिजनों के साथ भेजा गया तो वह पूरी तरह से कंबल में लिपटी थी। वह भाई नरसी कुमार के पीछे चल रही थी। सफेद रंग की कार तक महिला पुलिसकर्मियों की कड़ी घेराबंदी रही। कार में परिजनों के साथ रूबी के अलावा महिला पुलिसकर्मियों को भी बैठाया गया। छह वाहनों में सवार पुलिसकर्मी उनके साथ कपसाड़ पहुंचे।
यह है मामला
कपसाड़ गांव में बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या कर उनकी बेटी रूबी का अपहरण किया गया था। पारस सोम इस मामले का मुख्य आरोपी है। इस वारदात ने इलाके में तनाव फैला दिया था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद शनिवार देर शाम पारस को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया और युवती को सकुशल तलाश लिया गया था।
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रविवार को रूबी का महिला जिला अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। दोपहर बाद सरधना और महिला थाने की पुलिस उसे लेकर सीजेएम-द्वितीय नम्रता सिंह की कोर्ट पहुंची, जहां उसके बयान दर्ज हुए।





