फरीदाबाद में एक व्यक्ति को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपये ठग लिए। धोखेबाजों ने खुद को हरियाणा प्रशासनिक विभाग और एटीएस अधिकारी बताकर पीड़ित को आधार कार्ड पर फर्जी सिम और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया। उन्होंने फर्जी दस्तावेज भेजकर पीड़ित को अपनी एफडी तुड़वाकर पैसे बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर करने पर मजबूर किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति को एक सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपये धोखाधड़ी कर ठग लिए। पीड़ित ने अपनी एफडी सहित सभी पैसे इकट्ठे कर भुगतान किया। पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर लिया है।
सेक्टर-8 निवासी गंगा कांत ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में जॉब करते थे। 2014 में उनकी कंपनी बंद होने के कारण वह अपने घर पर ही थे। 8 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसने अपने आप को हरियाणा प्रशासनिक विभाग चंडीगढ़ से बताया। इसके बाद वह बुरी तरह घबरा गया। उसे बताया गया कि उसके आधार कार्ड पर एक फर्जी सिम जारी हुई है, जो आतंकवादियों द्वारा प्रयोग की जा रही है। उन्होंने आतंकवादियों को पकड़ा हुआ है।
उन्होंने उसे बताया कि उनके मोबाइल नंबर का प्रयोग करके 7 से 8 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। उसे 10 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ है। उसके बाद कॉल उठाने वाले ने एटीएस विभाग का सीनियर अधिकारी बताया और अरेस्ट करने की बात कही। फिर रकम की डिटेल मांगी।
इसके बाद फर्जी सीनियर अधिकारी से बात कराई। उसके बाद मोबाइल पर 9 दिसंबर 2025 को उन्होंने उसे आरबीआई बैंक, सुप्रीम कोर्ट का लेटर, संपत्ति जब्त और गिरफ्तारी वारंट आदि कागज भेजे और कहा कि आप अपने सभी पैसे एक बैंक खाते में इकट्ठे कर लो।
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एफडी तुड़वाकर रकम दी
फोन सुनने के बाद उसने घबराकर अपनी एफडी तुड़वाकर सारे पैसे अपने बैंक खाते में इकट्ठे कर लिए। फिर उनके बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। जांच पूरी होने के बाद यह पैसे वापस करने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसने 11 दिसंबर 2025 को 40 लाख, 15 दिसंबर 2025 को 8 लाख रुपये दिए। उसने उनके बताए एक्सिस बैंक में 40 लाख आरटीजीएस किए। आरोपियों ने कुल 48 लाख ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया।







