UP: ‘छत से दरोगा ने दिया धक्का…टूट गई मेरी कमर’, सड़क पर गिरे बसपा नेता ने मौत से पहले वीडियो में बताई हकीकत

शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र में पुलिस की दबिश के दौरान छत से गिरे बसपा नेता सत्यभान आठ घंटे तक तड़पते रहे। घटना के बाद लोगों ने सड़क पर पड़े सत्यभान का वीडियो बनाया, जिसमें वह कह रहे हैं कि दरोगा ने उन्हें छत से धक्का दिया है। उनकी कमर टूट गई है। वह दर्द से कराहते दिख रहे हैं।

शाहजहांपुर में छत से गिरने के बाद करीब आठ घंटे तक बसपा नेता सत्यभान दर्द से तड़पते रहे। सड़क पर गिरने के बाद लोगों ने सत्यभान का वीडियो बनाया, जिसमें वह दरोगा पर छत से धक्का देने का आरोप लगा रहे हैं। वह कह रहे हैं कि उनकी कमर टूट गई है। दरोगा ने बहुत गालियां दीं और फिर धक्का दे दिया। वीडियो में सत्यभान लोगों से मदद की गुहार करते भी नजर आए। वायरल वीडियो से पुलिस विभाग में खलबली मच गई।

मौजमपुर गांव में मंगलवार रात पुलिस की दबिश के दौरान छत से गिरने से बसपा के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन प्रभारी सत्यभान (50) की मौत हो गई। दम तोड़ने से पहले सत्यभान ने वीडियो में दरोगा पर गालीगलौज और धक्का देने का आरोप लगाया। इसे सबूत के तौर पर पेश करते हुए परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद दरोगा और सादा कपड़ों में आए एक अन्य के खिलाफ गैरइरादतन हत्या और एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।

बेटे की तलाश में दरोगा ने दी थी दबिश

सत्यभान की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि बेटे अभिषेक के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में अमन शुक्ला, पिंकी शुक्ला, रमनपाल, रामगोपाल निवासी मोहल्ला निजामगंज की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अभिषेक की तलाश कर रही थी, जबकि वह बाहर काम करता है। उसकी तलाश में दरोगा ने दबिश दी थी।

मेडिकल कॉलेज में जुटे बसपा नेता

बुधवार की सुबह सत्यभान की मौत की खबर सुनकर बसपा नेताओं के इकट्ठा होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के शवगृह पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस की एक न सुनी। परिजनों का कहना था कि जब तक दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी, तब तक पंचनामा की कार्रवाई नहीं होने देंगे।

सीओ तिलहर ज्योति यादव ने मामले को शांत करने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने उनकी एक न सुनी। मृतक सत्यभान की मां रीता देवी बोलीं- हम ही पीड़ित हैं और हमारी नहीं सुनी गई। कार्रवाई के डर से बच्चों को बाहर भेज दिया। तब भी विपक्षियों को सुकून नहीं मिला। आखिर हमारी दुनिया उजड़ ही गई।

मामले को बढ़ता देख एसपी ने सीओ सिटी पंकज पंत को भेजा। सीओ सिटी ने अस्पताल चौकी में मृतक के परिवार वालों की पूरी बात सुनी। इसके बाद उनकी दी गई पूरी तहरीर को पढ़ा। सीओ ने कहा कि वह इस मामले की जड़ तक जाएंगे। दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। तब परिजन शांत हुए और पंचनामा की कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद धीरे-धीरे भीड़ कम होने लगी। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।

लल्ला हमें भी अपने पापा के पास भेज दो…
सत्यभान के सील हो रहे शव को देख उनकी पत्नी रेखा देवी बिलख पड़ीं। इस बीच आए बेटे कुलदीप से बोलीं- लल्ला हमें भी अपने पापा के पास भेज दो। अब हम जीकर क्या करेंगे। रेखा देवी को उसकी सास रीता देवी ने संभाला। बहन गीता और प्रियंका ने भाभी रेखा और मां रीता को संभाला और उनसे लिपटकर खूब रोईं।

बसपा के जोन प्रभारी थे सत्यभान
परिजनों के अनुसार, सत्यभान बहुजन समाज पार्टी के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन प्रभारी थे। उनकी मौत की सूचना पर बसपा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो गई, तब तक अस्पताल चौकी में ही बैठे रहे। इसके बाद ही शव को पोस्टमॉर्टम भेजने के लिए पंचनामा की कार्रवाई की गई।

नवंबर माह में दरोगा की है शादी
बताया जा रहा है जिस दरोगा राहुल सिसौदिया पर सत्यभान पर छत से धक्का देने का आरोप लगाया गया है। उनकी 18 नवंबर को शादी है। वहीं, पुलिस ने आरोप के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। उनके साथ गए दूसरे शख्स का भी पता लगाया जा रहा है।

पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
रेखा देवी ने बताया कि बेटे अभिषेक का 22 अगस्त को पड़ोसी से विवाद हुआ था। पड़ोसियों ने मारपीट की थी। फायर भी किया था। उनकी शिकायत के बाद भी पुलिस ने पड़ोसियों की ओर से बेटे अभिषेक पर रिपोर्ट दर्ज कर दी थी। जबकि बेटा कमरे में था। रेखा देवी ने बताया कि हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद लगातार पुलिस की दबिश के डर से बेटे ने घर छोड़ दिया था।

नाम निकालने के लिए दरोगा पर रुपये मांगने का आरोप
रेखा देवी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा कुलदीप फोटोग्राफर, दूसरा बेटा अभिषेक दिल्ली में काम करता था। तीसरा बेटा अनमोल पढ़ाई करता है। घर के कामकाज में हाथ बंटाता है। कुलदीप ने बताया कि पुलिस से पापा सत्यभान ने कई बार कहा था कि वह चार्जशीट दाखिल करे, वह उसको कोर्ट में हाजिर कर देंगे। आरोप है कि दरोगा नाम निकालने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांग रहा था। अनुसूचित समाज का होने के चलते परेशान किया गया।

Source of News:- amarujala.com

कब-कब लगे पुलिस पर आरोप
पिछले सप्ताह चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हयातपुरा के कोविद तिवारी की खन्नौत नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक के भाई ने चार लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। साथ ही पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई। एसपी ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
जलालाबाद में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत के बाद परिजनों ने प्रदर्शन किया। सड़क पर शव रखकर नारेबाजी की। तब पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया गया था।
कुछ साल पूर्व सेहरामऊ दक्षिणी के एक गांव में शराब के कारोबार की सूचना पर दबिश देने गई पुलिस पर मारपीट करने व तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया था।

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