दिल्ली हाईकोर्ट ने जामा मस्जिद के बाहर अतिक्रमण को लेकर MCD को दो महीने में सर्वे कर कार्रवाई का आदेश दिया है। बता दें कि जामा मस्जिद तक जाने वाली सड़क और इसके आसपास के इलाके में दुकानदारों का कब्जा है।
नई दिल्ली: दिल्ली की मशहूर शाही जामा मस्जिद के बाहर अतिक्रमण की समस्या पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम यानी कि MCD को 2 महीने के अंदर अतिक्रमण का सर्वे करने और उसे हटाने का आदेश दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि तुर्कमान गेट के बाद अब आने वाले दिनों में जामा मस्जिद के बाहर भी बुलडोजर चल सकता है। बता दें कि जामा मस्जिद तक जाने वाली सड़क पर दुकानदारों का कब्जा है, यहां तक कि मस्जिद की सीढ़ियां भी अतिक्रमण की चपेट में हैं।
मौलाना आजाद की मजार के पास भी कब्जा
जामा मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण किस कदर हुआ है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की मजार के पास भी कब्जेधारियों ने जगह घेर रखी है। जामा मस्जिद पहुंचने वाली सड़क पर दाएं-बाएं और बीच में पटरी दुकानदारों का कब्जा नजर आता है। ये दुकानदार सड़क को इतना संकुचित कर देते हैं कि आने-जाने में मुश्किल होती है। मस्जिद की सीढ़ियों पर भी अतिक्रमण हो गया है, जिससे ऐतिहासिक इमारत की खूबसूरती प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने एमसीडी को साफ निर्देश दिया है कि सर्वे के बाद अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाया जाए।
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तुर्कमान गेट के पास भड़क उठी थी हिंसा
बता दें कि बुधवार तड़के रामलीला मैदान क्षेत्र में तुर्कमान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान के पास अवैध कब्जा हटाने के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। ऑपरेशन के दौरान कुछ लोकल और बाहरी लोगों ने कथित तौर पर पुलिस और एमसीडी कर्मचारियों पर पत्थर फेंके थे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हिंसा में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। घटना के बाद पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, और 30 लोगों की पहचान हो चुकी है। पुलिस के पास घटना से जुड़े कम से कम 400 वीडियो हैं और हर वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है।





