Opinion: बिहार में JDU को ‘नंबर वन’ बनाने का प्लान रेडी, नीतीश कैबिनेट की वैकेंसी बढ़ा रहा कांग्रेस-AIMIM की धड़कनें

Bihar politics News: भाजपा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह ऑपरेशन लोटस के जरिए विपक्ष को खत्म करने की योजना पर काम करती है. पर, बिहार में इस बार यह काम एनडीए के प्रमुख घटक दल जेडीयू की ओर से हो जाए तो आश्चर्य की बात नहीं. विपक्ष पर ‘तीर’ चलाने की आहट सुनाई पड़ने लगी है. इसकी जद में कौन-कौन दल आएंगे, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस और एआईएमआईएम के विधायक निशाने पर हैं.

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिल गया. नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से एनडीए ने सरकार भी बना ली. कैबिनेट की पहली बैठक के फैसलों से यह बात साफ हो गई है कि चुनाव के दौरान एनडीए के नेताओं ने जो वादे किए, अब उन पर अमल होंगे. अगले 5 साल तक एनडीए को अपने वादे पूरे करने होंगे. बहरहाल, चुनावी सफलता के बाद अब एक और योजना पर एनडीए में जबरदस्त मंथन चल रहा है. अभी तक भाजपा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह ऑपरेशन लोटस के जरिए विपक्ष को खत्म करने की योजना पर काम करती है. पर, इस बार यह काम एनडीए के प्रमुख घटक दल जेडीयू की ओर से हो सकता है.


विपक्ष पर ‘तीर’ चलाने की आहट सुनाई पड़ने लगी है. इसकी जद में कौन-कौन दल आएंगे, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि जेडीयू के निशाने पर कांग्रेस और एआईएमआईएम के विधायक हैं.


कांग्रेस के 6 और AIMIM के 5 पर नजर
इस बार बिहार में कांग्रेस के 6 विधायक चुने गए हैं. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के 5 विधायक निर्वाचित हुए हैं. पिछली बार भी AIMIM के 5 विधायक चुने गए थे, जिनमें अमौर क्षेत्र से निर्वाचित अख्तरुल ईमान को छोड़कर 4 को आरजेडी ने अपने पाले में कर लिया था. जिन विधायकों ने अपनी निष्ठा बदल कर आरजेडी ज्वाइन किया, उनमें मोहम्मद मुर्शेद आलम (जोकीहाट), मोहम्मद सरवर आलम (कोचधामन), तौसीफ आलम (बहादुरगंज) और गुलाम सरवर (बैसी निर्वाचन क्षेत्र) शामिल थे.

Source of News:- news18.com

पहले भी कांग्रेस को तोड़ा है नीतीश ने

कांग्रेस के विधायक अगर टूटते हैं तो यह पहली बार नहीं होगा. इससे पहले भी कांग्रेस टूटती रही है. नीतीश कुमार 2017 में जब महागठबंधन से अलग होकर एनडीए में लौट आए थे, उसके साल भर बाद 2018 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे अशोक चौधरी के साथ कांग्रेस के कई नेता जेडीयू में शामिल हो गए थे. अशोक चौधरी ने 1 मार्च 2018 को कांग्रेस छोड़कर जेडीयू की सदस्यता ग्रहण कर ली थी. उनके साथ कांग्रेस के 3 अन्य एमएलसी भी जेडीयू में शामिल हुए थे.

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